पांच साल में पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए मोदी, लेकिन किसी सवाल का जवाब नहीं दिया

03:17 PM May 18, 2019 | द वायर स्टाफ

जब एक पत्रकार ने सीधे प्रधानमंत्री से सवाल पूछा तो उन्होंने कहा, ‘हम तो डिसिप्लिन्ड सोल्जर हैं. पार्टी अध्यक्ष हमारे लिए सब कुछ होते हैं.’ शाह ने भी कहा कि प्रधानमंत्री को सवालों का जवाब देने की ज़रूरत नहीं है.

नई दिल्ली में शुक्रवार को भाजपा मुख्यालय पर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कार्यकाल के दौरान पहली बार शुक्रवार को भाजपा की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए, लेकिन उन्होंने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया.

मोदी ने कहा कि वह देश के लोगों और यहां तक कि पत्रकारों का शुक्रिया अदा करने के लिए आए थे. उन्होंने कहा कि वे उन लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहते हैं जिन्होंने उन्हें आशिर्वाद दिया और पांच साल तक काम करने की अनुमति दी.

जब प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हुई, तो भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे. मोदी के बोलने के बाद पत्रकारों ने कई सवाल उठाए और मोदी ने उनमें से किसी का भी जवाब नहीं दिया. सवालों का जवाब अमित शाह दे रहे थे.

जब एक पत्रकार ने सीधे प्रधानमंत्री से सवाल पूछा तो उन्होंने कहा, ‘हम तो डिसिप्लिन्ड (अनुशासित) सोल्जर हैं. पार्टी अध्यक्ष हमारे लिए सब कुछ होते हैं.’ शाह ने भी कहा कि प्रधानमंत्री को सवालों का जवाब देने की जरूरत नहीं है.

अपने संबोधन के दौरान, मोदी ने कहा कि चुनाव अभियान सफल रहा. उन्होंने कहा, ‘पिछले दो चुनावों के दौरान आईपीएल का आयोजन नहीं हो सका था. जब सरकार मजबूत होती है तो आईपीएल, रमज़ान और स्कूली परीक्षाएं शांतिपूर्वक आयोजित की जा सकती हैं.’

उन्होंने दावा किया कि एनडीए दूसरी बार मजबूत जनादेश के साथ सत्ता में लौटेगी. मोदी ने कहा, ‘यह देश में लंबे समय के बाद होगा, हमारी सरकार लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आएगी.’

प्रधानमंत्री ने कहा कि 17 मई 2014 (ठीक पांच साल पहले) ‘ईमानदार शासन’ की शुरुआत हुई थी. मोदी ने दावा किया कि इन पांच वर्षों के दौरान, उनकी सरकार ‘न्यू गवर्नेंस स्ट्रक्चर’ सुनिश्चित करने में सक्षम रही.

नरेंद्र मोदी ने कहा कि 17 मई 2014 को कुछ लोगों को भारी नुकसान हुआ था क्योंकि ‘सट्टा बाजार’ में उन्होंने कांग्रेस पर दांव लागाया था. इसलिए उन्हें भारी खामियाजा भुगतना पड़ा. हालांकि हकीकत ये है कि सट्टा बाजार में मोदी की जीत के ऊपर लोगों ने दांव लगाया था.

भाजपा के चुनाव अभियान की रणनीति और योजना की प्रशंसा करते हुए, उन्होंने दावा किया कि उनकी कोई भी चुनावी रैलियां या कार्यक्रम रद्द नहीं किए गए. हालांकि, फानी तूफान के बाद पश्चिम बंगाल में एक रैली रद्द कर दी गई थी और अगले दिन के लिए स्थगित कर दी गई थी.

सवालों के जवाब में, शाह ने कहा कि भोपाल लोकसभा सीट से प्रज्ञा ठाकुर को उम्मीदवार बनाना कांग्रेस के खिलाफ एक ‘सत्याग्रह’ था. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हिंदू धर्म को नुकसान पहुंचाने के लिए ‘हिंदू आतंकवाद’ के विचार को फैलाया.

प्रज्ञा ठाकुर द्वारा महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताने पर अमित शाह ने कहा, ‘पार्टी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है. जब वह अपना जवाब प्रस्तुत करेंगी, तब पार्टी की अनुशासनात्मक समिति उचित निर्णय लेगी.’

उन्होंने दावा किया कि भाजपा 300 से ज्यादा सीटों पर चुनाव जीतेगी.

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