जब अपने देश में लोग मर रहे हैं, तब टीके निर्यात करना केंद्र का जघन्य अपराध: सिसोदिया

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि वैक्सीन की कमी के लिए पूरी तरह केंद्र सरकार ज़िम्मेदार है. जब इतनी वैक्सीन बन गई थी तो इसे अपने लोगों को देकर बेहतर कोरोना मैनेजमेंट हो सकता था, लेकिन केंद्र सरकार इंटरनेशनल इमेज मैनेजमेंट में लगी रही. इस बीच सोमवार को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली के पास कोवैक्सीन का एक दिन का स्टॉक है, जबकि कोविशील्ड सिर्फ़ तीन से चार दिन के लिए बचा है.

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि वैक्सीन की कमी के लिए पूरी तरह केंद्र सरकार ज़िम्मेदार है. जब इतनी वैक्सीन बन गई थी तो इसे अपने लोगों को देकर बेहतर कोरोना मैनेजमेंट हो सकता था, लेकिन केंद्र सरकार इंटरनेशनल इमेज मैनेजमेंट में लगी रही. इस बीच सोमवार को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली के पास कोवैक्सीन का एक दिन का स्टॉक है, जबकि कोविशील्ड सिर्फ़ तीन से चार दिन के लिए बचा है.

Manish Sisodia PTI

मनीष सिसोदिया. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने टीके निर्यात करने को लेकर रविवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर अपने देश में लोगों को पहले टीके लगाए जाते तो बड़ी संख्या में जीवन बचाए जा सकते थे.

सिसोदिया ने ऑनलाइन प्रेसवार्ता में आरोप लगाया, ‘जब हमारे अपने देश में लोग मर रहे थे, उस समय केंद्र ने केवल अपनी छवि प्रबंधन के लिए अन्य देशों को टीके की बिक्री की, जो कि केंद्र सरकार द्वारा किया गया जघन्य अपराध है.’

इस बीच सोमवार को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली के पास कोवैक्सीन का एक दिन का स्टॉक है, जबकि कोविशील्ड सिर्फ तीन से चार दिन के लिए बचा है.

एक अखबार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए सिसोदिया ने कहा कि केंद्र ने 93 देशों को कोरोना वायरस टीके की बिक्री की, जिनमें से 60 फीसदी में संक्रमण नियंत्रण में था और वहां वायरस के चलते लोगों को जान का खतरा नहीं था.

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर में बड़ी संख्या में युवाओं की जान चली गई.

उन्होंने कहा कि अगर टीके का निर्यात करने के बजाय इन लोगों को टीका लगाया गया होता तो उनकी जान बचाई जा सकती थी.

सिसोदिया ने कहा कि केंद्र को अब यह सुनिश्चित करना चाहिए कि देश में निर्मित टीके इसकी कमी का सामना कर रहे राज्यों को उपलब्ध कराए जाएं.

उन्होंने दोहराया कि अगर पर्याप्त मात्रा में खुराक उपलब्ध कराई जाए तो दिल्ली सरकार तीन महीने के भीतर शहर में सभी का टीकाकरण कर सकती है.

उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के अलावा ट्विटर पर केंद्र की मोदी सरकार को निशाना साझा है.

सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा, दिल्ली सरकार ने दिल्ली के लोगों के लिए वैक्सीन खरीदने के लिए 600 करोड़ का बजट मंजूर किया है. कई और राज्य भी इसी तरह तैयार हैं, लेकिन वैक्सीन उपलब्ध नहीं हैं, क्योंकि मार्च से अब तक केंद्र सरकार ने अरब देशों सहित 93 देशों पर मेहरबानी दिखाते हुए 6.6 करोड़ वैक्सीन एक्सपोर्ट कर दी.

उन्होंने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय जगत की चिंता करना अच्छी बात है, लेकिन अमेरिका, कनाडा, यूरोप के देश पहले दुनिया भर से अपने लोगों के लिए वैक्सीन का इंतजाम करने में लगे हैं. केवल फ्रांस ने पिछले महीने एक लाख वैक्सीन एक्सपोर्ट की हैं. हमारी केंद्र सरकार मार्च से अब तक 6.6 करोड़ दान दे चुकी है.’

उन्होंने कहा कि हमारे देश का युवा वैक्सीन न मिलने के कारण अपनी जान गंवा रहा है. उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में अपने देश के युवाओं के लिए केंद्र सरकार ने केवल 5.5 लाख वैक्सीन दी.

उन्होंने कहा, ‘हमारे ही वैज्ञानिकों की बनाई वैक्सीन हमारे ही लोगों के लिए उपलब्ध नहीं है. वैक्सीन की कमी के लिए पूरी तरह केंद्र सरकार जिम्मेदार है. जब इतनी वैक्सीन बन गई थी तो इसे अपने लोगों को देकर बेहतर कोरोना मैनेजमेंट हो सकता था, लेकिन केंद्र सरकार इंटरनेशनल इमेज मैनेजमेंट में लगी रही.’

उप मुख्यमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, ‘हमारे ही वैज्ञानिकों की बनाई वैक्सीन हमारे ही लोगों के लिए उपलब्ध नहीं है. वैक्सीन की कमी के लिए पूरी तरह केंद्र सरकार जिम्मेदार है. जब इतनी वैक्सीन बन गई थी तो इसे अपने लोगों को देकर बेहतर कोरोना मैनेजमेंट हो सकता था, लेकिन केंद्र सरकार इंटरनेशनल इमेज मैनेजमेंट में लगी रही.’

उन्होंने आरोप लगाया कि 22 अप्रैल को जब भारत में विश्व के सर्वाधिक 3.32 लाख केस आए थे उस दिन भी केंद्र सरकार ने परागुवे को दो लाख वैक्सीन एक्सपोर्ट की थी. जब हमारे खुद के देश में कोरोना बेकाबू हो गया था, उस समय भी केंद्र सरकार वैक्सीन एक्सपोर्ट करने में लगी थी.

सोमवार को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने मध्य दिल्ली के गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब में गुरु तेग बहादुर कोविड केयर सेंटर में तैयारियों की समीक्षा के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘कोवाक्सिन की खुराक केवल एक दिन तक चल सकती है, जबकि कोविशील्ड की खुराक तीन से चार दिनों तक चल सकती है.’

मंत्री की टिप्पणी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उस बयान के एक दिन बाद आया, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार से राजधानी दिल्ली के लिए वैक्सीन आपूर्ति मई और जून के बीच बढ़ाने का आग्रह किया था.

रविवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में अब तक 18-44 आयु वर्ग के लिए कोरोनो वायरस टीके की 5.5 लाख खुराकें और 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों, हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए 43 लाख खुराकें मिली हैं.

राष्ट्रीय राजधानी में अब तक लगभग 39 लाख खुराक दी जा चुकी है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)